ज़िन्दगी ! समझा तुझे तो मुस्कराना आ गया






दुपहरी बेरंग बीती सांझ हर रंग भा गया ।
ज़िन्दगी ! समझा तुझे तो मुस्कुराना आ गया ।


अजब तेरे नियम देखे,गजब तेरे कायदे ।

रोते रोते समझ आये,अब हँसी के फ़ायदे ।

भीगी पलकों संग लब को खिलखिलाना आ गया ।

 ज़िन्दगी ! समझा तुझे तो मुस्कुराना आ गया ।


क्यों कहें संघर्ष तुझको, ये तो तेरा सिलसिला ।

नियति निर्धारित सभी , फिर क्या करें तुझसे गिला ।

 सत्य को स्वीकार कर जीना जिलाना आ गया ।

 ज़िन्दगी !  समझा तुझे तो मुस्कुराना आ गया


हो पूनम की रात सुन्दर या तिमिर घनघोर हो ।

राहें हों कितनी अलक्षित, आँधियाँ चहुँ ओर हो ।

हर हाल में मेरे 'साँवरे' तेरे गुण गुनाना आ गया ।

ज़िन्दगी ! समझा तुझे तो मुस्कराना आ गया ।



पढिए  ऐसे ही जिंदगी से जुड़ी एक और रचना

■ चल जिंदगी तुझको चलना ही होगा


टिप्पणियाँ

  1. आप ने लिखा.....
    हमने पड़ा.....
    इसे सभी पड़े......
    इस लिये आप की रचना......
    दिनांक 05/06/2023 को
    पांच लिंकों का आनंद
    पर लिंक की जा रही है.....
    इस प्रस्तुति में.....
    आप भी सादर आमंत्रित है......


    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. हार्दिक धन्यवाद एवं आभार आ.कुलदीप जी !मेरी रचना पाँच लिंकों के आनंद मंच के लिए चयन करने हेतु ।

      हटाएं
  2. बेहतरीन..
    भाई कुलदीप जी पता नहीं कैसे भूल गए सूचित करना
    आज पांच लिंकों का आनंद की शोभा बढ़ाती रचना
    सादर

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार सखी !आपने बताया तो स्पैम से लायी हूँ अभी सूचना...
      आजकल ये स्पैम भी न...

      हटाएं
  3. गोपेश मोहन जैसवाल5 जून 2023 को 1:58 pm बजे

    वाह !
    हर फ़िक्र को जब कोई धुंए में उड़ाना सीख जाता है
    तो
    फिर उसे ग़र्दिश में भी मुस्कुराना आ जाता है.

    जवाब देंहटाएं
  4. हो पूनम की रात सुन्दर या तिमिर घनघोर हो ।

    राहें हों कितनी अलक्षित, आँधियाँ चहुँ ओर हो ।

    हर हाल में मेरे 'साँवरे' तेरे गुण गुनाना आ गया ।

    ज़िन्दगी ! समझा तुझे तो मुस्कराना आ गया ।
    बहुत सुन्दर रचना।इसीलिए गुणातीत को गुनगुनाते रहिए और अपने में मगन रहिए।

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत सुंदर सृजन सुधा जी,
    सकारात्मक भाव जब उदित होते हैं सचमुच जिंदगी भी मुस्कुराने लगती है और जीना सहज सरल लगता है।
    सस्नेह।

    जवाब देंहटाएं
  6. हर हाल में मुस्कुराना ज़रूरी है!
    सकारात्मक सुंदर भाव को उत्प्रेरित करता सुंदर गीत!

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. हर हाल में मुस्कुराना ज़रूरी है!
      सकारात्मक सुंदर भाव को उत्प्रेरित करता सुंदर गीत!

      हटाएं
  7. वाह! बहुत सुंदर दर्शन-सुधा!!!

    जवाब देंहटाएं
  8. ज़िन्दगी को समझ लिया तो सब आसान.. बहुत अच्छा सुन्दर गीत विभा जी

    जवाब देंहटाएं
  9. क्षमा करें सुधा जी। भूलवश विभा जी लिख गया

    जवाब देंहटाएं
  10. जिन्दगी समझा तुझे तो मुस्कराना आ गया ..बेहतरीन

    जवाब देंहटाएं
  11. वाह!सुधा जी ,क्या बात कही है ...बहुत खूब!

    जवाब देंहटाएं
  12. बेहद शानदार रचना, सुधा जी...
    सत्य को स्वीकार कर जीना जिलाना आ गया ।
    ज़िन्दगी ! समझा तुझे तो मुस्कुराना आ गया ।...प्रेरणादायी

    जवाब देंहटाएं
  13. सच है जिंदगी क्या होती है यदि यह समय पर समझ लिया तो फिर जिंदगी का रोना बचेगा ही नहीं
    बहुत सुन्दर

    जवाब देंहटाएं

  14. दुपहरी बेरंग बीती सांझ हर रंग भा गया ।
    ज़िन्दगी ! समझा तुझे तो मुस्कुराना आ गया ।


    अजब तेरे नियम देखे,गजब तेरे कायदे ।

    रोते रोते समझ आये,अब हँसी के फ़ायदे ।

    भीगी पलकों संग लब को खिलखिलाना आ गया ।

    ज़िन्दगी ! समझा तुझे तो मुस्कुराना आ गया ।,,,,,बहुत सुंदर रचना ज़िंदगी को समझना ही जीवन है ।

    जवाब देंहटाएं
  15. हो पूनम की रात सुन्दर या तिमिर घनघोर हो ।

    राहें हों कितनी अलक्षित, आँधियाँ चहुँ ओर हो ।

    हर हाल में मेरे 'साँवरे' तेरे गुण गुनाना आ गया ।

    ज़िन्दगी ! समझा तुझे तो मुस्कराना आ गया ।


    सरस मर्मस्पर्शी सुंदर सृजन

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

फ़ॉलोअर

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ब्लॉग से मुलाकात..बहुत दिनों बाद

दर्द होंठों में दबाकर....

नयी सोच

लेबल

कविता -हास्यव्यंग1 कहानी19 कह़ानी1 कहानीकविता1 कुण्डलिया छंद5 कुण्डलिया छन्द3 गजल10 गढ़वाली कविता एवं उसका हिन्दी रूपांतरण1 गढ़वाली गीत1 गर्मी पर कविता1 गर्मी पर बाल कविता1 गीत18 गीतात्मक कविता1 गुरु महिमा कविता1 गुरु महिमा पर दोहा मुक्तक1 घरेलू हिंसा1 चिड़िया1 चौपाई1 छंद कविता1 जल संरक्षण पर कविता1 जलवायु परिवर्तन ग्लोबल वार्मिंग1 दोहा मुक्तक3 दोहा-मुक्तक1 दोहे7 नवगीत15 नारी सम्मान1 नारी सशक्तिकरण1 परिवार1 पाँच लिंकों का आनंद स्थापना दिवस1 पारिवारिक कहानी2 पारिवारिक रिश्ते1 पावस पर कविता1 पुस्तक समीक्षा1 प्रकृति3 प्रकृति कविता2 प्रार्थना3 प्रेणादायक आलेख1 प्रेरक लघुकथा1 प्रेरणादायक कहानी1 प्रेरणादायक हिंदी कविता1 बरसात पर कविता1 बाल कविता3 बुज़ुर्ग1 भगवान शिव1 भावनात्मक1 भावनात्मक रचना1 मन1 मनहरण घनाक्षरी2 मनहरण घनाक्षरी छंद5 महादेव1 महिला सशक्तिकरण1 महिला सशक्तिकरण पर प्रेरणादायक कहानी।1 माँ का त्याग1 माँ की ममता1 माता पिता1 माता-पिता1 मुक्तक3 मुहावरे पर आधारित लघुकथा1 मोबाइल की लत तकनीक डिजिटल जीवन1 राम भक्ति1 रिश्ते2 रोला छंद2 लघु कथा2 लघु कहानी6 लघुकथा19 लेख3 वर्षा ऋतु1 व्यंग कविता1 व्यंग लेख1 शरद ऋतु2 शराब की लत1 शिक्षा -परीक्षा1 शिव भक्ति1 शिव महिमा1 शुभकामना कविता1 संघर्ष1 संवेदनाएँ1 संस्मरण2 संस्मरणात्मक लेख1 सकारात्मक सोच1 सच्ची घटना1 सद्गुरु1 समीक्षा2 सामाजिक कहानी1 सामाजिक लेख1 साहित्य1 हाइबन1 हायकु3 हास्यव्यंग कविता1 हास्यव्यंग लघुकथाएं1 हिंदी कहानी1 हिंदी भावनात्मक कहानी1 हिंदी लघुकथा प्रेरक लघुकथा रिश्ते मनमुटाव संवाद जीवन दर्शन1 हिंदी लघुकथा माँ का त्याग प्रेरक लघुकथा प्रेरणादायक कहानी1 हिंदी लेख1 हिंदी साहित्य1 हिन्दी कविता1
ज़्यादा दिखाएं