रविवार, 10 जनवरी 2021

हिन्दी अपनी शान

कुण्डलिया छन्द --   प्रथम प्रयास

hindi poem



 【1】

हिन्दी भाषा देश की, सब भाषा सिरमोर।

शब्दों के भण्डार हैं, भावों के नहिं छोर।

भावों के नहिं छोर, सहज सी इसकी बोली।

उच्चारण आसान, रही संस्कृत हमजोली।

कहे सुधा ये बात, चमकती माथे बिन्दी।

भारत का सम्मान, देश की भाषा हिन्दी 


【2】

भाषा अपने देश की , मधुरिम इसके बोल।

सहज सरल मनभावनी, है हिन्दी अनमोल।

है हिन्दी अनमोल, सभी के मन को भाती।

चेतन चित्त विभोर, तरंगित मन लहराती।

कहे सुधा इक बात, यही मन की अभिलाषा।

हिन्दी बने महान , राष्ट्र की गौरव भाषा।।


चित्र, साभार pixabay से......

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