संदेश

सितंबर, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सब क्या सोचेंगे , ये भी मैं ही सोचूँ ? | लघुकथा

चित्र
 परिचय परीक्षा का समय आते ही घरों में पढ़ाई, अंक और भविष्य को लेकर चर्चाएँ बढ़ जाती हैं। ऐसे में बच्चों पर केवल पढ़ाई का ही नहीं, बल्कि "लोग क्या कहेंगे" जैसी चिंताओं का भी दबाव पड़ने लगता है। प्रस्तुत लघुकथा एक मासूम बच्ची के सहज उत्तर के माध्यम से हमें यह सोचने पर विवश करती है कि क्या हम अनजाने में बच्चों के कंधों पर आवश्यकता से अधिक बोझ तो नहीं डाल रहे।                      मोना!... ओ मोना!" आवाज़ देते हुए माँ उसके स्टडी रूम में पहुँची। कमरे का दृश्य देखकर उनका माथा ठनक गया। सामने खुली किताब रखी थी और उसके ऊपर पूरा डॉल हाउस सजा हुआ था। मोना अपनी गुड़िया को सजाने में इतनी तल्लीन थी कि उसे न माँ की आवाज़ सुनाई दी, न उनके आने की आहट। कल उसकी परीक्षा थी और आज भी वह खेल में मग्न थी। गुस्से में माँ ने उसकी बाँह पकड़कर हल्का-सा झिंझोड़ा। मोना एकदम चौंक गई। सामने माँ को देखकर उसने आँखें बंद कर गहरी साँस ली और बोली— "ओह! मम्मी, आप हो! मुझे लगा पापा आ गए।"  "अच्छा"अच्छा! पापा का डर और मम्मी की कोई परवाह नहीं?" माँ की आवाज़ गुस्से...

ज्ञान के भण्डार गुरुवर

चित्र
 ख्याति लब्ध पत्रिका 'अनुभूति' के 'अपनी पाठशाला' विशेषांक में मेरी रचना 'ज्ञान के भण्डार गुरुवर ' प्रकाशित करने हेतु आ.पूर्णिमा वर्मन दीदी का हार्दिक आभार । ज्ञान के भंडार गुरुवर,  पथ प्रदर्शक है हमारे । डगमगाती नाव जीवन,  खे रहे गुरु के सहारे । गुरु की पारस दृष्टि से ही ,  मन ये कुंदन सा निखरता । कोरा कागज सा ये जीवन,  गुरु की गुरुता से महकता । देवसम गुरुदेव को हम,  दण्डवत कर, पग-पखारें  । ज्ञान के भंडार गुरुवर,  पथ प्रदर्शक है हमारे । गुरु कृपा से ही तो हमने , नव ग्रहों का सार जाना । भू के अंतस को भी समझा,  व्योम का विस्तार जाना । अनगिनत महिमा गुरु की,  पा कृपा, जीवन सँवारें । ज्ञान के भंडार गुरुवर,  पथ प्रदर्शक है हमारे । तन में मन और मन से तन,  के गूढ़ को बस गुरु ही जाने । बुद्धि के बल मन को साधें,  चित्त चेतन के सयाने । अथक श्रम से रोपते , अध्यात्म शिष्योद्यान सारे। ज्ञान के भंडार गुरुवर,  पथ प्रदर्शक है हमारे । पढ़िए पत्रिका 'अनुभूति' में प्रकाशित मेरी एक और रचना ●  बने पकौड़े गरम-गरम

जीवन की राहों में आखिर असली प्रतिस्पर्धा किससे है ? | प्रेरणादायक लेख

चित्र
जीवन की राहों में असली प्रतिस्पर्धा किससे है? बचपन से परीक्षाओं में अव्वल रहने वाले लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि वे जीवन की हर प्रतिस्पर्धा में सफल होंगे। लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? जीवन की राहों में असली प्रतिस्पर्धी कौन? बचपन से परीक्षाओं में उत्तीर्ण और कक्षा में उत्तीर्ण रहने वाले लोगों को अपनी बुद्धिमानी पर कभी कोई संदेह नहीं रहता । उन्हें विश्वास हो जाता है कि जीवन की हर परीक्षा भी वे अपनी बुद्धि के बल पास कर ही लेंगे ।  लेकिन अक्सर वे नहीं जानते कि जीवन की  परीक्षाएं कुछ अलग होती हैं — यहाँ प्रतिस्पर्धी अपने ही होते हैं। अपनों से प्रतिस्पर्धा का सच  यह सच सामने आता भी है, तो वे सोचते हैं — "अपनों से प्रतिस्पर्धा में भला क्या डर!" हार भी अपनी और जीत भी अपनी । आगे बढ़ने की कीमत: अकेलापन इसीअपनत्व और स्नेह के भाव के साथ वे आगे बढ़ते हैं। लेकिन जैसे ही वे दूसरों से दो कदम आगे निकलते हैं, वे खुद को अकेला पाते हैं। क्यों खींचते हैं लोग पीछे? क्योंकि अपनों के साथ होने वाली ऐसी प्रतिस्पर्धाएं अक्सर आगे बढ़ने की होती ही नहीं, ये प्रतिस्पर्धाएं तो किसी को आगे बढ़ने से...

फ़ॉलोअर

लेबल

कहानीकविता1 कुण्डलिया छंद5 कुण्डलिया छन्द3 गजल10 गढ़वाली कविता एवं उसका हिन्दी रूपांतरण1 गढ़वाली गीत1 गर्मी पर कविता1 गर्मी पर बाल कविता1 गीत18 गीतात्मक कविता1 घरेलू हिंसा1 चिड़िया1 चौपाई1 छंद कविता1 जल संरक्षण पर कविता1 जलवायु परिवर्तन ग्लोबल वार्मिंग1 दोहा मुक्तक3 दोहे6 नवगीत15 नारी सशक्तिकरण1 परिवार1 पाँच लिंकों का आनंद स्थापना दिवस1 पारिवारिक कहानी1 पारिवारिक रिश्ते1 पावस पर कविता1 पुस्तक समीक्षा1 प्रकृति2 प्रार्थना3 प्रेणादायक आलेख1 प्रेरक लघुकथा1 प्रेरणादायक कहानी1 प्रेरणादायक हिंदी कविता1 बाल कविता3 भावनात्मक1 भावनात्मक रचना1 मन1 मनहरण घनाक्षरी2 मनहरण घनाक्षरी छंद5 महिला सशक्तिकरण पर प्रेरणादायक कहानी।1 माँ का त्याग1 माँ की ममता1 माता पिता1 मुक्तक3 मुहावरे पर आधारित लघुकथा1 मोबाइल की लत तकनीक डिजिटल जीवन1 राम भक्ति1 रिश्ते2 रोला छंद2 लघु कथा2 लघु कहानी6 लघुकथा19 लेख3 वर्षा ऋतु1 व्यंग कविता1 व्यंग लेख1 शराब की लत1 शिक्षा -परीक्षा1 शुभकामना कविता1 संघर्ष1 संवेदनाएँ1 संस्मरण2 संस्मरणात्मक लेख1 सकारात्मक सोच1 सच्ची घटना1 समीक्षा2 सामाजिक लेख1 साहित्य1 हाइबन1 हायकु3 हास्यव्यंग कविता1 हास्यव्यंग लघुकथाएं1 हिंदी भावनात्मक कहानी1 हिंदी लघुकथा प्रेरक लघुकथा रिश्ते मनमुटाव संवाद जीवन दर्शन1 हिंदी लघुकथा माँ का त्याग प्रेरक लघुकथा प्रेरणादायक कहानी1 हिंदी लेख1 हिंदी साहित्य1 हिन्दी कविता1
ज़्यादा दिखाएं