नक्षत्रों ने दीप जलाए : जिज्ञासा सिंह के गीत-संग्रह की समीक्षा
पुस्तक: नक्षत्रों ने दीप जलाए रचनाकार: जिज्ञासा सिंह विधा: गीत-संग्रह कुल गीत: 81 प्रकाशक: भारतीय साहित्य संग्रह, कानपुर मूल्य: ₹320 परिचय जिज्ञासा सिंह का गीत-संग्रह ‘नक्षत्रों ने दीप जलाए’ उनके रचनात्मक संसार की संवेदनशील अभिव्यक्ति है। संग्रह में 81 गीत हैं, जिनमें जीवन के विविध अनुभवों, प्रकृति, प्रेम, आस्था, संघर्ष, सामाजिक सरोकारों और आत्मचिंतन को गीतात्मक संवेदना के साथ अभिव्यक्त किया गया है। कवयित्री के लिए गीत केवल शब्दों का विन्यास नहीं, बल्कि जीवन-यात्रा के सहचर हैं। उनके आत्मकथ्य में गीतों को नियोजक, संयोजक और मार्गदर्शक जैसे मित्रों के रूप में देखने की भावना स्पष्ट दिखाई देती है। यही आत्मीयता इस संग्रह के गीतों में भी अनुभव होती है। इन गीतों में आस्था है तो प्रश्न भी हैं, प्रकृति का सौंदर्य है तो उसके बदलते स्वरूप की चिंता भी; प्रेम की कोमलता है तो संबंधों की टूटन का दर्द भी। कहीं संघर्ष जीवन की परीक्षा बनकर सामने आता है तो कहीं उसी संघर्ष के बीच आशा और आगे बढ़ने की आकांक्षा जन्म लेती है। यही विविधता ‘नक्षत्रों ने दीप जलाए’ को केवल भावाभिव्यक्ति का संकलन न बनाकर जीवन के अन...