माता-पिता और गुरु की महिमा | प्रेरणादायक हिंदी दोहा - मुक्तक
परिचय भारतीय संस्कृति में माता-पिता प्रथम गुरु और सद्गुरु जीवन के सच्चे पथप्रदर्शक माने गए हैं। माता-पिता जहाँ संस्कारों की नींव रखते हैं, वहीं गुरु ज्ञान का प्रकाश फैलाकर जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। प्रस्तुत दोहा-मुक्तकों में गुरु, माता-पिता और सद्गुरु के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा उनके अमूल्य योगदान का विनम्र भाव से वर्णन किया गया है। माता-पिता और गुरु महिमा पर दोहा-मुक्तक प्रथम गुरु माता-पिता, अपने पालन हार । जीवन की शिक्षा सहित, देते हैं संस्कार ।। चरणों में इनके सदा, नतमस्तक हो शीष, मातु-पिता की सीख बिन, जीवन हो दुस्वार ।। गुरु दिखलाते हैं दिशा, गुरु ही देते ज्ञान । गुरुवर के आशीष से, मिलता जग में मान।। जगती अंतःचेतना, मिटे सभी भ्रमजाल, पग रज मस्तक पे लगा, गुरु का कर सम्मान ।। ध्यान लगा कर सीख लें, गुरु से सम्यक ज्ञान । उनके ही आशीष से, मिलता है सम्मान । ज्योति जगाते चित्त में, करें तिमिर का नाश, चरण कमल वंदन करें, गुरु हैं ईश समान ।। सद्रुरु के आशीष से, मिलती सम्यक दृष्टि । खुलते चक्षु विवेक के, प्रभुमय लगती ...