परित्यक्ता नहीं..परित्यक्त | पति की बेवफाई और सास ससुर का साथ - पारिवारिक कहानी
📖 कहानी का परिचय (Introduction) रिश्तों का विश्वासघात और स्वाभिमान की एक अनोखी दास्तान क्या एक पत्नी को सिर्फ इसलिए पति के अत्याचार और बेवफाई सहते रहना चाहिए क्योंकि मायके से विदा होने के बाद उसका कोई और ठिकाना नहीं होता? यह दिल को छू लेने वाली भावुक हिंदी कहानी (Emotional Hindi Story) है दिल्ली में रहने वाली 'सना' की। सना ने प्रतीक से प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद प्रतीक के व्यवहार में बेवफाई और अजनबीपन झलकने लगता है।लेकिन यह कहानी सिर्फ एक लाचार पत्नी के रोने की नहीं है, बल्कि समाज के सामने एक नई मिसाल पेश करने की है। जब प्रतीक अपनी पत्नी को धोखा देता है, तब समाज के नियमों के विपरीत जाकर सना के सास-ससुर अपनी बहू का साथ देते हैं। वे उसे 'परित्यक्ता' नहीं बनने देते, बल्कि अपनी बेटी बनाकर एक नया जीवन और स्वाभिमान देते हैं। यह पारिवारिक कहानी समाज को रिश्तों के बदलते स्वरूप का एक बहुत बड़ा संदेश देती है। दिल्ली की हल्की ठंडी सुबह थी। खिड़की से छनकर आती धूप ड्रॉइंग रूम के फर्श पर सुनहरी चादर बिछा रही थी, लेकिन सना के मन में जैसे धूप का एक कतरा भी नहीं ...