मंगलमय नववर्ष हो
नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
बीत गया पच्चीस अब, बिसरें बीती बात ।
मंगलमय नववर्ष हो, सुखमय हो दिन रात।
शुभता का संदेश ले, आएगा छब्बीस ।
दुर्दिन होंगे दूर अब , सुख की हो बरसात ।।
स्वागत आगत का करें , अभिनंदन कर जोर ।
सबको दे शुभकामना , आये स्वर्णिम भोर ।
घर आँगन खुशियाँ भरे, विपदा भागे दूर,
सुख समृद्धि घर में बसे, खुशहाली चहुँओर ।।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ एक और रचना निम्न लिंक पर

नव वर्ष मंगलमय हो🌹🙏🏻
जवाब देंहटाएंजी, अत्यंत आभार आपका 🙏
हटाएंनववर्ष मंगलमय हो
जवाब देंहटाएंअत्यंत आभार आपका ,🙏
हटाएंवाह्ह दी अति सुंदर सृजन।
जवाब देंहटाएंसस्नेह प्रणाम।
सादर।
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जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना शुक्रवार २ जनवरी २०२६ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
नववर्ष २०२६ मंगलमय हो।
हार्दिक धन्यवाद एवं आभार प्रिय श्वेता ! रचना को मंच प्रदान करने हेतु ।
हटाएंयह कविता पढ़ते ही मन अपने आप हल्का और सकारात्मक हो जाता है। आप बीते पच्चीस को सहजता से विदा करते हैं और नए वर्ष छब्बीस का खुले दिल से स्वागत करते हैं। मुझे इसकी सबसे अच्छी बात यह लगी कि आप उम्मीद, शुभकामना और विश्वास को बहुत सरल शब्दों में रखते हैं। नए साल की शुबकामनाएं
जवाब देंहटाएंजी सादर आभार आपका🙏
हटाएंसुंदर | नववर्ष मंगलमय हो |
जवाब देंहटाएंजी, अत्यंत आभार आपका 🙏
हटाएंशुभकामना से सुसज्जित २०२६ !
जवाब देंहटाएंसुन्दर
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