करते रहो प्रयास | प्रेरणादायक दोहे और सकारात्मक सोच
परिचय
जीवन में सफलता का रास्ता हमेशा सरल नहीं होता। कई बार असफलता, ठोकर और बाधाएँ मन को निराश कर देती हैं, लेकिन निरंतर प्रयास और धैर्य ही आगे बढ़ने की राह बनाए रखते हैं। इन्हीं भावों को सरल शब्दों में व्यक्त करते हुए मैंने ये प्रेरणादायक दोहे लिखे हैं
1. करते करते ही सदा, होता है अभ्यास ।
नित नूतन संकल्प से, करते रहो प्रयास।।
2. मन से कभी न हारना, करते रहो प्रयास ।
सपने होंगे पूर्ण सब, रखना मन में आस ।।
3. ठोकर से डरना नहीं, गिरकर उठते वीर ।
करते रहो प्रयास नित, रखना मन मे धीर ।।
4. पथबाधा को देखकर, होना नहीं उदास ।
सच्ची निष्ठा से सदा, करते रहो प्रयास ।।
5. प्रभु सुमिरन करके सदा, करते रहो प्रयास ।
सच्चे मन कोशिश करो, मंजिल आती पास ।।
निष्कर्ष
इन दोहों के माध्यम से मन में यही कहने का प्रयास किया है कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, प्रयास की डोर हाथ से नहीं छूटनी चाहिए। धैर्य और निरंतर कर्म के साथ आगे बढ़ते रहने में ही जीवन की राह को बेहतर बनाने की उम्मीद छिपी रहती है।
हार्दिक अभिनंदन🙏
पढ़िए एक और रचना निम्न लिंक पर

करते रहो प्रयास बहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंसुंदर
जवाब देंहटाएंसुंदर,प्रेरक, सकारात्मक संदेश देती ऊर्जावान अभिव्यक्ति दी।
जवाब देंहटाएंसस्नेह
सादर।
----
नमस्ते,
आपकी लिखी रचना मंगलवार १४ अक्टूबर २०२५ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
सुंदर बोध देते दोहे
जवाब देंहटाएंसकारात्मक ऊर्जा का संचार करती बहुत सुन्दर दोहावली ।
जवाब देंहटाएंसार्थक, सामयिक बहुत सुन्दर होदे ...
जवाब देंहटाएंये दोहे सच में मन को हिम्मत देते हैं। आप बड़ी सरल भाषा में बहुत काम की बात कह जाते हैं। मुझे अच्छा लगा कि आप अभ्यास, धैर्य और भरोसे को बार-बार याद दिलाते हैं, क्योंकि असल ज़िंदगी में यही सबसे ज़्यादा काम आते हैं।
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर सीख देती रचना
जवाब देंहटाएं