बच्चों को समझाने का सही तरीका – सासू माँ की सीख देने वाली कहानी

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क्या आपका बच्चा भी जिद करता है? जानिए एक छोटी सी कहानी से बड़ा parenting मंत्र…   बच्चों को डांटने के बजाय प्यार और धैर्य से समझाना क्यों जरूरी है? पढ़िए सासू माँ की सीख देती यह प्रेरणादायक हिंदी कहानी। आरव की जिद और निधि की परेशानी माँजी, आरव बहुत जिद्दी है...।  मैंने उसे कितना समझाया, पर वो माना ही नहीं… और आपने तो पल भर में मना लिया। कैसे माँजी? आप कैसे मना लेती हैं उसे? उसे क्या, आप तो सभी बच्चों को मना लेती हैं… आश्चर्य भरी मुस्कान के साथ निधि अपनी सासू माँ से पूछ ही रही थी कि तभी प्रीति (देवरानी) ने किचन से आवाज लगाई— किचन में छोटी सी सीख “दीदी, ज़रा ये दूध पतीली में डाल दीजिए न…  मुझसे गिर जाता है। पैकेट से डालते वक्त दूध उछल कर बाहर गिर जाता है।” सिखाने का तरीका निधि किचन में गई और दूध पतीली में डालते हुए बोली— “अरे ! ऐसे कैसे गिर जाता है तुमसे दूध? देखो, धीरे-धीरे डालो… पतली धार में। अगर एकदम से ज्यादा दूध डालोगी, वो भी खाली पतीले में, तो उछलेगा ही न।” सासू माँ दूर से सब सुनकर मुस्कुरा रही थीं। थोड़ी देर बाद निधि चाय लेकर आई और सासू माँ को देते हुए फिर बोली— “अब ...

श्राद्ध में करें तर्पण (मनहरण घनाक्षरी)

 

Tarpam


श्राद्ध में करें तर्पण,

श्रद्धा मन से अर्पण,

पितरों को याद कर,

पूजन कराइये


ब्राह्मण करायें भोज,

उन्नति मिलेगी रोज,

दान, दक्षिणा, सम्मान,

शीष भी नवाइये ।


पिण्डदान का विधान,

पितृदेव हैं महान,

बैतरणी करें पार 

गयाजी तो जाइये ।


तर्पण से होगी मुक्ति,

श्राद्ध है पावन युक्ति,

पितृलोक से उद्धार,

स्वर्ग पहुँचाइये ।


पितृदेव हैं महान,

श्राद्ध में हो पिण्डदान,

जवा, तिल, कुश जल,

अर्पण कराइये ।


श्राद्ध में जिमावे काग,

श्रद्धा मन अनुराग,

निभा सनातन रीत,

पितर मनाइये ।


पितर आशीष मिले

वंश खूब फूले फले ,

सुख समृद्धि संग,

खुशियाँ भी पाइये ।


सेवा करें बृद्ध जन,

बात सुने पूर्ण मन,

विधि का विधान जान,

रीतियाँ निभाइये



हार्दिक अभिनंदन🙏

पढ़िए एक और मनहरण घनाक्षरी छंद

● प्रभु फिर आइए




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