मंगलमय नववर्ष हो
नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं बीत गया पच्चीस अब, बिसरें बीती बात । मंगलमय नववर्ष हो, सुखमय हो दिन रात। शुभता का संदेश ले, आएगा छब्बीस । दुर्दिन होंगे दूर अब , सुख की हो बरसात ।। स्वागत आगत का करें , अभिनंदन कर जोर । सबको दे शुभकामना , आये स्वर्णिम भोर । घर आँगन खुशियाँ भरे, विपदा भागे दूर, सुख समृद्धि घर में बसे, खुशहाली चहुँओर ।। हार्दिक शुभकामनाओं के साथ एक और रचना निम्न लिंक पर ● और एक साल बीत गया

बर्ष कैसे बीत जाता है पता ही नहीं चलता,,,कुछ अच्छा बीते तो मन खुश वरना मन खट्टा कर निकल जाता है,,,
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छी प्रस्तुति,,,
नव वर्ष मंगलमय हो आपका,,,
सुधा जी, अभी पूरा साल कहाँ बीता है?
जवाब देंहटाएंअभी भी इस साल के बीतने में दो दिन से ज़्यादा का वक़्त बाक़ी है.
हम इस साल के बाक़ी के दिन अगर आपकी इस ख़ूबसूरत कविता का आनंद लेते हुए बिताएंगे तो आने वाला हमारा साल बड़ा ख़ुशगवार बीतेगा.
बहुत सुंदर सृजन सुधा जी
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर सृजन सुधा जी
हटाएंमीना शर्मा
behad khubsurat
जवाब देंहटाएंMore Hindi poetry - https://www.youtube.com/watch?v=OChK_3FHBKQ
वाह! सखी ,बेहतरीन सृजन!
जवाब देंहटाएंबेहद सुंदर अभिव्यक्ति दी।
जवाब देंहटाएंअनवरत चल रहे पलों के खट्टी-मीठी स्मृतियों से गूँथा जीवन बस रीत ही रहा है। दार्शनिक, व्यवहारिक ,यथार्थ वादी भावों के मिश्रण से बनी कविता मानों संपूर्ण वर्ष का लेखा जोखा कह रही।
सस्नेह प्रणाम दी।
सादर।
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जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना मंगलवार ३१ दिसम्बर २०२४ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
नववर्ष की सुभकामनाएं | सुन्दर रचना |
जवाब देंहटाएंनववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ सुधा जी ! जीवन की आपाधापी में गुजरते समय का लाजवाब वर्णन करती बहुत सुन्दर कविता ।
जवाब देंहटाएंसचमुच २०२4 तो ऐसे ही पीता ... पल भर में ...
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