भीषण गर्मी पर दोहा मुक्तक
परिचय आज बढ़ती गर्मी केवल एक मौसमी समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह प्रकृति की ओर से दिया गया गंभीर संकेत है। तपती धरती, झुलसते उपवन, व्याकुल जनजीवन और घटते वन हमें सोचने पर विवश करते हैं कि कहीं हम स्वयं ही इस संकट के लिए उत्तरदायी तो नहीं हैं। प्रस्तुत हैं इसी विषय पर चार मुक्तक— व्याकुल सकल जहान है, नभ से बरसे आग। लगता अब रवि को नहीं, धरती से अनुराग । लू की लपटों से हुआ , जन जीवन बेहाल, खग मृग सब बेचैन हैं, झुलसे उपवन बाग । आतप से तपती धरा, तपे कृषक - मजदूर । तानाशाही रवि करे, लू की लपटें क्रूर । गर्म धूल आँखों भरी, पर रुकते नहीं पाँव, दया करो श्रमजीव पर , तज दो भानु गुरूर । क्रोध सूर्य का देखकर, काँप रही है छाँव, गर्म नदी में तैरती, औंधे मुँह की नाव । गुमसुम से बाजार हैं, गली-गली सुनसान, राग-द्वेष की आग में , जलते देखो गाँव । उमस बढ़ गई और भी , बूँद गिरी दो चार , बिजली भी गुल हो गई, जनजीवन लाच...

आपकी लिखी रचना सोमवार. 20 दिसंबर 2021 को
जवाब देंहटाएंपांच लिंकों का आनंद पर... साझा की गई है
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
संगीता स्वरूप
तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार आ.संगीता जी! मेरी रचना को पाँच लिंको का आनंद मंच पर स्थान देने हेतु।
हटाएंनववर्ष मंगलमय हो
जवाब देंहटाएंव्यथा क्लेश छय हो
नवभोर नयनों में खिले
खुशियाँ ही अक्षय हो
-----
अति सुंदर सकारात्मकता से भरी और भावपूर्ण अभिव्यक्ति सुधा जी।
सस्नेह।
अत्यंत आभार एवं धन्यवाद प्रिय श्वेता जी!
हटाएंनववर्ष पर उत्तम अभिव्यक्ति
जवाब देंहटाएंहार्दिक धन्यवाद आ.अनीता जी!
हटाएंसुंदर मंगलकारी भावनाएं सकल विश्व के लिए ।
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर पोस्ट सुधाजी आज ऐसी ही मंगल मनोकामनाओं की आवश्यकता है,जो फलिभूत हो।
सुंदर सृजन।
हृदयतल से धन्यवाद आ. कुसुम जी!
हटाएंनववर्ष मंगलमय हो, संपूर्ण जगत में शांति और सुरक्षा हो, बहुत सुंदर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंहृदयतल से धन्यवाद आ.भारती जी!
हटाएंमनोबल यों उठे ऊँचा,
जवाब देंहटाएंअडिग विश्वास हो मन में।
अंत:करण प्रकाशित हो सबका,
ऊर्ध्वमुखी जीवन हो।
"सुप्त देवत्व" जगे मनुज का,
देवशक्ति प्रबल हो,
नववर्ष ऐसा मंगलमय हो।
बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति प्रिय सुधा जी सभी जगह मंगल हो तभी नववर्ष मग्ल्कारी हो सकता है | आपकी प्रार्थना में एक स्वर मेरा भी | हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई | नववर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं |
जी! रेणु जी अत्यंत आभार एवं धन्यवाद आपका।
हटाएंबहुत ही खूबसूरत व शानदार रचना!
जवाब देंहटाएंआभार...
अत्यंत आभार प्रिय मनीषा जी!
हटाएंनववर्ष की सुभकामनाएं | सुन्दर रचना |
जवाब देंहटाएं