मोल्यारी मास म्यर पहाड़ मा | गढ़वाली गीत
✨ परिचय (Intro) गढ़वाल की वादियों में हर मौसम अपनी अलग कहानी लेकर आता है, लेकिन मोल्यारी मास (बसंत ऋतु) का सौंदर्य कुछ खास होता है। यह गीत उसी बसंती एहसास, पहाड़ की खुशबू, बचपन की यादों और लोकजीवन की सरलता को शब्दों में पिरोता है। कलीं कलीं वनफसा फूलीं, उँण्या कुण्याँ सँतराज खिल्याँ मोल्यारी मास म्यर पहाड़ मा, डाँडी-काँठी फुल्यारी सज्याँ बाट किनार बसींगा फूलीं छन रौली-खौली काली जीरी फूलीं चल दगड़्यों म्याल खैयोला बण की डाली फलूण झूलीं उड़दि तितली रंग-बिरंगी भोंरा बि छन गुंजण लग्याँ मोल्यारी मास म्यर पहाड़ मा,डाँडी-काँठी फुल्यारी सज्याँ ऊँची डाड्यूँ मा सुनेरी उल्यार रोली खोली हर्याली छयीं छुम बजांदि दाथुणि छुमका घास घस्याण घसेरी जयीं खुदेड़ गीतुंक गुणगुणाट आँख्यूँ मा टुपि दे आँसू बह्याँ। मोल्यारी मास म्यर पहाड़ मा, डाँडी-काँठी फुल्यारी सज्याँ पुराण दिन याद आदिन मैति मैत्युंक लोभ लग्याँ खुद लगदि ज्यु खुदेंदी फूलूँ दगड़ी भाव बग्याँ धरती म्यरि, म्यरु पहाड़्यों स्वरग जणि च भलि लग्याँ मोल्यारी मास म्यर पहाड़ मा, डाँडी-काँठी फुल्यारी सज्याँ फसल कटि, बिखौंति मनीगे जगा जगा ...

आपकी लिखी रचना सोमवार. 20 दिसंबर 2021 को
जवाब देंहटाएंपांच लिंकों का आनंद पर... साझा की गई है
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
संगीता स्वरूप
तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार आ.संगीता जी! मेरी रचना को पाँच लिंको का आनंद मंच पर स्थान देने हेतु।
हटाएंनववर्ष मंगलमय हो
जवाब देंहटाएंव्यथा क्लेश छय हो
नवभोर नयनों में खिले
खुशियाँ ही अक्षय हो
-----
अति सुंदर सकारात्मकता से भरी और भावपूर्ण अभिव्यक्ति सुधा जी।
सस्नेह।
अत्यंत आभार एवं धन्यवाद प्रिय श्वेता जी!
हटाएंनववर्ष पर उत्तम अभिव्यक्ति
जवाब देंहटाएंहार्दिक धन्यवाद आ.अनीता जी!
हटाएंसुंदर मंगलकारी भावनाएं सकल विश्व के लिए ।
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर पोस्ट सुधाजी आज ऐसी ही मंगल मनोकामनाओं की आवश्यकता है,जो फलिभूत हो।
सुंदर सृजन।
हृदयतल से धन्यवाद आ. कुसुम जी!
हटाएंनववर्ष मंगलमय हो, संपूर्ण जगत में शांति और सुरक्षा हो, बहुत सुंदर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंहृदयतल से धन्यवाद आ.भारती जी!
हटाएंमनोबल यों उठे ऊँचा,
जवाब देंहटाएंअडिग विश्वास हो मन में।
अंत:करण प्रकाशित हो सबका,
ऊर्ध्वमुखी जीवन हो।
"सुप्त देवत्व" जगे मनुज का,
देवशक्ति प्रबल हो,
नववर्ष ऐसा मंगलमय हो।
बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति प्रिय सुधा जी सभी जगह मंगल हो तभी नववर्ष मग्ल्कारी हो सकता है | आपकी प्रार्थना में एक स्वर मेरा भी | हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई | नववर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं |
जी! रेणु जी अत्यंत आभार एवं धन्यवाद आपका।
हटाएंबहुत ही खूबसूरत व शानदार रचना!
जवाब देंहटाएंआभार...
अत्यंत आभार प्रिय मनीषा जी!
हटाएंनववर्ष की सुभकामनाएं | सुन्दर रचना |
जवाब देंहटाएं