भीषण गर्मी पर दोहा मुक्तक

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 परिचय आज बढ़ती गर्मी केवल एक मौसमी समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह प्रकृति की ओर से दिया गया गंभीर संकेत है। तपती धरती, झुलसते उपवन, व्याकुल जनजीवन और घटते वन हमें सोचने पर विवश करते हैं कि कहीं हम स्वयं ही इस संकट के लिए उत्तरदायी तो नहीं हैं। प्रस्तुत हैं इसी विषय पर चार मुक्तक—                                  व्याकुल सकल जहान है, नभ से बरसे आग। लगता अब रवि को नहीं, धरती से अनुराग । लू की लपटों से हुआ , जन जीवन बेहाल, खग मृग सब बेचैन हैं, झुलसे उपवन बाग । आतप से तपती धरा, तपे कृषक - मजदूर । तानाशाही रवि करे, लू की लपटें क्रूर । गर्म धूल आँखों भरी, पर रुकते नहीं पाँव,     दया करो श्रमजीव पर , तज दो भानु गुरूर ।             क्रोध सूर्य का देखकर, काँप रही है छाँव, गर्म नदी में तैरती, औंधे मुँह की नाव । गुमसुम से बाजार हैं, गली-गली सुनसान,  राग-द्वेष की आग में , जलते देखो गाँव । उमस बढ़ गई और भी , बूँद गिरी दो चार , बिजली भी गुल हो गई, जनजीवन लाच...

हरते सबके कष्ट सदाशिव भोले शंकर

 

God Shiva



                      【1】

शंकर भोलेनाथ शिव , नंदीश्वर, भगवान ।

बाघम्बर भैरव शिवा, शम्भू कृपा निधान ।

शम्भू कृपा निधान, उमापति बम बम भोले ।

अवढर दानी नाथ, सभी की किस्मत खोले ।

जपते नमः शिवाय, भक्त सावन में घर घर  ।

हरते सबके कष्ट, सदाशिव भोले शंकर  ।।



                          【2】

शिवशंकर कैलाशपति , महिमा अपरम्पार ।

शशिशेखर विरुपाक्ष शिव,जग के पालनहार ।

जग के पालनहार,  दीन के हैं रखवारे ।

बम बम भोले घोष, भक्त करते जयकारे ।

भजे सुधा कर जोरि, नमामि जै गिरिजेश्वर ।

करो सृष्टि उद्धार, कृपानिधि जै शिवशंकर ।।



पढ़िए सावन और शिव भक्ति पर आधारित अन्य कुण्डलिया छंद निम्न लिंक पर ।

● मन में भरे उमंग, मनोहर पावन सावन



टिप्पणियाँ

  1. बहुत सुंदर भक्ति और भावों से पूर्ण कुंडलियाँ सुधा जी ।
    हार्दिक बधाई।

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  2. बहुत सुंदर भक्ति और भावों से पूर्ण कुंडलियाँ सुधा जी ।
    हार्दिक बधाई।
    कुसुम कोठारी 'प्रज्ञा'

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर एवम धन्यवाद इस पवित्र श्रावण मास में भोले बाबा की भक्तिमय स्तुति की रचना के लिए पुनः धन्यवाद।

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  4. बहुत ही सुन्दर भक्ति मय रचना मन आह्लादित हो गया सखी

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  5. भक्ति भाव से पूरित भगवान शिव को समर्पित कुण्डलियाँ मनभावन लगी ।अति सुन्दर सृजन सुधा जी !

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