परित्यक्ता नहीं..परित्यक्त | पति की बेवफाई और सास ससुर का साथ - हिन्दी कहानी
परिचय क्या एक पत्नी सिर्फ इसलिए सब कुछ सहती रहे क्योंकि उसके पास मायके से विदा लेने बाद जाने के लिए कोई और ठिकाना नहीं है ? क्या प्रेम विवाह करने वाली स्त्री अपने ही रिश्तों में सबसे अधिक अकेली हो जाती है ? यह कहानी है सना की जिसे पति की बेवफाई ने तोड़ने की कोशिश की लेकिन उसके सास ससुर ने उसे परित्यक्ता नहीं बल्कि सम्मानित बेटी बनाकर दुनिया के सामने एक मिसाल कायम कर दी पढ़िए रिश्तों विश्वासघात और स्वाभिमान की हृदयस्पर्शी हिंदी कहानी दिल्ली की हल्की ठंडी सुबह थी। खिड़की से छनकर आती धूप ड्रॉइंग रूम के फर्श पर सुनहरी चादर बिछा रही थी, लेकिन सना के मन में जैसे धूप का एक कतरा भी नहीं बचा था। पिछले कुछ महीनों से वह प्रतीक के व्यवहार में बदलाव साफ महसूस कर रही थी। देर रात तक मोबाइल पर मुस्कुराकर बातें करना, उसके आते ही स्क्रीन लॉक कर देना, छोटी-छोटी बातों पर झल्ला उठना—सब कुछ बदलता जा रहा था। "प्रतीक! आज बच्चों के स्कूल में पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग है... तुम भी चलोगे?" सना ने धीमे स्वर में पूछा। प्रतीक ने मोबाइल से नजर उठाए बिना कहा— "मुझसे क्यों पूछ रही हो? अपने काम खुद नहीं कर ...

इष्ट में विशिष्ट राम,
जवाब देंहटाएंशिष्ट में प्रकृष्ट राम,
हर्ष के विमर्श बन,
विश्व में समाये हैं ।
सच ऐसा लग रहा है कि पूरा विश्व राम मय हो गया है , बहुत ही सुन्दर भजन लिखा है आपने सुधा जी 🙏 जय श्री राम 🙏
राम ही राम कण-कण में जीवंत है।
जवाब देंहटाएंराम नाम भक्त हृदय का हर्षित बसंत है।।
अति भावपूर्ण ,संपूर्ण समर्पण से रची गयी सुंदर अभिव्यक्ति दी।
सस्नेह प्रणाम
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जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना मंगलवार ६ फरवरी २०२४ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
सियाराम मय सब जग जानी ।
जवाब देंहटाएंकरहु प्रणाम कर जोरि जुग पानी ॥
भक्ति भाव से राम रंग में रमा समर्पित भाव से सृजित सुन्दर भजन सुधा जी ! सादर वन्दे!
वाह
जवाब देंहटाएंइसे तो गायन में ढाला जाना चाहिए सुधा जी, राम राम....
जवाब देंहटाएंबहुत खूब लिखा कि राम राज अभिषेक,
प्राण-प्रतिष्ठा को देख,
शिशिर में भी भक्तों के,
जोश गरमाये हैं ।...वाह
जय श्री राम सखी
जवाब देंहटाएंराम स्वयं में ही संविधान हैं सच एक-एक शब्द राम की विशिष्टता का परिचायक है।सादर
सज्ज हुआ सिंहद्वार,
जवाब देंहटाएंसज्ज राम दरबार,
पंच मंडपों के संग,
देवता दर्शाए हैं ।
बहुत सुंदर दर्शन, जहां राम वहां सब सहज ही प्राप्त हैं।
भक्तिभाव से परिपूर्ण बहुत सुंदर रचना।
जवाब देंहटाएंप्रभु रॉक का मन्दिर देश में नयी दिशा देगा ... भारत का उदय निश्चित है ...
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर अर्चना , भावपूर्ण ...
जवाब देंहटाएंइष्ट में विशिष्ट राम,
शिष्ट में प्रकृष्ट राम,
हर्ष के विमर्श बन,
विश्व में समाये हैं ।
बहुत सुंदर सचमुच विशिष्ट घनाक्षरी।
जय श्रीराम।