मंगलमय नववर्ष हो
नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं बीत गया पच्चीस अब, बिसरें बीती बात । मंगलमय नववर्ष हो, सुखमय हो दिन रात। शुभता का संदेश ले, आएगा छब्बीस । दुर्दिन होंगे दूर अब , सुख की हो बरसात ।। स्वागत आगत का करें , अभिनंदन कर जोर । सबको दे शुभकामना , आये स्वर्णिम भोर । घर आँगन खुशियाँ भरे, विपदा भागे दूर, सुख समृद्धि घर में बसे, खुशहाली चहुँओर ।। हार्दिक शुभकामनाओं के साथ एक और रचना निम्न लिंक पर ● और एक साल बीत गया

मारपीट को सहन करना और एक हद्द के बाद भी सहन करना है गुनाह है.
जवाब देंहटाएंबहुत मार्मिक लघू कथा.
पधारें- तुम हो तो हूँ
हृदयस्पर्शी सृजन सुधा जी ।
जवाब देंहटाएंसमय और परिस्थितियों के साथ साथ घरेलू हिंसा के पहलू को उजागर करती बेहतरीन और हृदयस्पर्शी लघुकथा। बहुत बधाई प्रिय सखी।
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जवाब देंहटाएंबहुत ही सुंदर भावपूर्ण हृदयस्पर्शी लघु कथा
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