मोबाइल फोन: सुविधा या लत? | मोबाइल के फायदे और नुकसान | हिंदी लेख
परिचय आधुनिक युग में विज्ञान का एक अद्भुत और महत्त्वपूर्ण उपहार मोबाइल फोन है। सुबह आँख खुलने से लेकर रात को विश्राम करने तक यह हमारे जीवन का लगभग अभिन्न साथी बन चुका है। जहाँ एक ओर इसने हमारे अनेक कार्यों को सरल बनाया है, वहीं दूसरी ओर इसका अत्यधिक उपयोग कई नई समस्याओं का कारण भी बन रहा है। प्रस्तुत लेख में मोबाइल फोन की उपयोगिता के साथ-साथ इसकी लत से होने वाले दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई है। आज मोबाइल फोन ने पूरी दुनिया को मानो हमारी मुट्ठी में समेट दिया है। कुछ दशक पहले जिन कार्यों के लिए घंटों या कई दिनों का समय लगता था, वे आज कुछ ही क्षणों में पूरे हो जाते हैं। यह एक ऐसी तकनीकी सुविधा है जिसने मनुष्य के जीवन को पहले की अपेक्षा कहीं अधिक सरल और सुविधाजनक बना दिया है। किसी से तुरंत संपर्क करना हो, पढ़ाई करनी हो, बैंकिंग का कार्य हो या मनोरंजन—अनेक कार्य अब एक ही मोबाइल फोन से सहजता से पूरे हो जाते हैं। यही कारण है कि आज यह बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर आयु वर...

तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार यशोदा जी मेरी रचना पाँच लिंकों के आनंद मंच के लिए चयन करने हेतु ।
जवाब देंहटाएंमाँ होकर जाना माँ क्या होती है
जवाब देंहटाएंअद्धभुत अनुभूति का सुन्दर वर्णन
सादर आभार एवं धन्यवाद
हटाएं🙏🙏🙏🙏
वाह
जवाब देंहटाएंसादर आभार एवं धन्यवाद।
हटाएं🙏🙏
जवाब देंहटाएंजी नमस्ते ,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा आज गुरुवार (११-०५-२०२३) को 'माँ क्या गई के घर से परिंदे चले गए'(अंक- ४६६२) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है।
सादर
हार्दिक धन्यवाद एवं आभार अनीता जी ! मेरी रचना को चर्चा मंच में स्थान देने के लिए ।
हटाएंवाह सखी अंतर्मन को छू गई आपकी रचना, हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं आपको
जवाब देंहटाएंसस्नेह आभार एवं धन्यवाद सखी !
हटाएंबहुत सुन्दर रचना।
जवाब देंहटाएंमेरी माँ तो रूपये-पैसे देने के बजाय पूड़ी-सब्ज़ी देते हुए कहती थीं - रास्ते में उल्टा-सीधा ख़रीद कर मत खाइयो.
जवाब देंहटाएंये माँ भी न ...... बहुत भावपूर्ण लघुकथा ।
जवाब देंहटाएंचंद लाइनों में कितनी भावनाएं समेट दी है आपने, दिल को छू गई❣️
जवाब देंहटाएंबहुत भावपूर्ण
जवाब देंहटाएंमाँ तो माँ होती है .....।बहुत खूब सुधा जी ।
जवाब देंहटाएंममता के भाओं से ओतप्रोत रचना
जवाब देंहटाएंबेहद सुंदर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंमाँ के वात्सल्य के आगे पद,प्रतिष्ठा धन सब छोटे पड़ जाते हैं.
जवाब देंहटाएंमाएँ ऐसी ही होती हैं, प्यारी लघुकथा
जवाब देंहटाएंमां के इस प्यार का कोई मोल नहीं
जवाब देंहटाएं