बच्चों को समझाने का सही तरीका – सासू माँ की सीख देने वाली कहानी
क्या आपका बच्चा भी जिद करता है? जानिए एक छोटी सी कहानी से बड़ा parenting मंत्र… बच्चों को डांटने के बजाय प्यार और धैर्य से समझाना क्यों जरूरी है? पढ़िए सासू माँ की सीख देती यह प्रेरणादायक हिंदी कहानी। आरव की जिद और निधि की परेशानी माँजी, आरव बहुत जिद्दी है...। मैंने उसे कितना समझाया, पर वो माना ही नहीं… और आपने तो पल भर में मना लिया। कैसे माँजी? आप कैसे मना लेती हैं उसे? उसे क्या, आप तो सभी बच्चों को मना लेती हैं… आश्चर्य भरी मुस्कान के साथ निधि अपनी सासू माँ से पूछ ही रही थी कि तभी प्रीति (देवरानी) ने किचन से आवाज लगाई— किचन में छोटी सी सीख “दीदी, ज़रा ये दूध पतीली में डाल दीजिए न… मुझसे गिर जाता है। पैकेट से डालते वक्त दूध उछल कर बाहर गिर जाता है।” सिखाने का तरीका निधि किचन में गई और दूध पतीली में डालते हुए बोली— “अरे ! ऐसे कैसे गिर जाता है तुमसे दूध? देखो, धीरे-धीरे डालो… पतली धार में। अगर एकदम से ज्यादा दूध डालोगी, वो भी खाली पतीले में, तो उछलेगा ही न।” सासू माँ दूर से सब सुनकर मुस्कुरा रही थीं। थोड़ी देर बाद निधि चाय लेकर आई और सासू माँ को देते हुए फिर बोली— “अब ...

जी नमस्ते,
जवाब देंहटाएंआपकी लिखी रचना शुक्रवार २४ जुलाई २०२० के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।
हृदयतल से धन्यवाद एवं आभार श्वेता जी! पांच लिंको के आनंद मंच पर मेरी रचना साझा करने हेतु।
हटाएंकई बार बहुत देर हो जाती है जब तक इंसान समझ पाता है ...
जवाब देंहटाएंशायद इसलिए ही कहते हैं कुछ समय ख़ुद के लिए भी बचाना चाहिए ...
बहुत गहरी सोच से जन्मी रचना .।.
जी नासवा जी, हार्दिक धन्यवाद आपका
हटाएंउत्साहवर्धन हेतु...
सादर आभार।
कई बार इंसान को जब अपनी गलतियां समझ मे आती है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। भयत सुंदर अभिव्यक्ति सुधा दी।
जवाब देंहटाएंजी, ज्योति जी! हार्दिक धन्यवाद एवं आभार आपका।
हटाएंदी सजाएं जो रोग बनकर तन में पलती रही
जवाब देंहटाएंनैन बरसात से बरसी उम्र ढलती रही
खुद पर तरस आया जब मौसम का रुख समझ आया
सुन्दर भाव सृजन
बहुत बहुत धन्यवाद रितु जी!उत्साहवर्धन हेतु.....
हटाएंसस्नेह आभार।
वाह
जवाब देंहटाएंहार्दिक धन्यवाद एवं आभार जोशी जी !
हटाएंबहुत सुंदर रचना, गहरी सोच को सामने लाती पंक्तियां
जवाब देंहटाएंसादर
हृदयतल से धन्यवाद अपर्णा जी!बहुत दिनों बाद आपको यहाँ देख अत्यंत खुशी हुई....सस्नेह आभार।
हटाएंजी नमस्ते ,
जवाब देंहटाएंआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शनिवार (२५-०७-२०२०) को 'सारे प्रश्न छलमय' (चर्चा अंक-३७७३) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है
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अनीता सैनी
हार्दिक धन्यवाद अनीता जी सहयोग हेतु
हटाएंसस्नेह आभार।
बहुत सुन्दर
जवाब देंहटाएंहार्दिक धन्यवाद एवं आभार ओंकार जी!
हटाएंवाह बेहतरीन रचना सखी
जवाब देंहटाएंअत्यंत आभार एवं धन्यवाद सखी!
हटाएंखूबसूरत सृजन |
जवाब देंहटाएंहार्दिक धन्यवाद एवं आभार आदरणीय
हटाएंब्लॉग पर आपका स्वागत है।