मंगलमय नववर्ष हो
नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं बीत गया पच्चीस अब, बिसरें बीती बात । मंगलमय नववर्ष हो, सुखमय हो दिन रात। शुभता का संदेश ले, आएगा छब्बीस । दुर्दिन होंगे दूर अब , सुख की हो बरसात ।। स्वागत आगत का करें , अभिनंदन कर जोर । सबको दे शुभकामना , आये स्वर्णिम भोर । घर आँगन खुशियाँ भरे, विपदा भागे दूर, सुख समृद्धि घर में बसे, खुशहाली चहुँओर ।। हार्दिक शुभकामनाओं के साथ एक और रचना निम्न लिंक पर ● और एक साल बीत गया

आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 14 दिसम्बर 2022 को साझा की गयी है...
जवाब देंहटाएंपाँच लिंकों का आनन्द परआप भी आइएगा....धन्यवाद!
तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार आ.यशोदा जी !
हटाएंमानव रूपी अभिनेता हम
जवाब देंहटाएंसुख-दुख अपने किरदार हुए. ।
जो मिला सहज स्वीकार करें
सुख- दुख में हम इकसार बने ।
बहुत ही मुश्किल होता है इस बात को स्वीकार करना, यदि कर लिया तो जीवन सहज ना हो जाए। हृदय स्पर्शी सृजन सुधा जी 🙏
जी, कामिनी जी सही कहा कि यदि कर लिया तो जीवन सहज हो जाय ।
हटाएंअत्यंत आभार एवं धन्यवाद आपका ।
सुख और दुख के समन्वय को दर्शाता सुंदर सृजन।
जवाब देंहटाएंतहेदिल से धन्यवाद एवं आभार कुसुम जी !
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