रविवार, 26 सितंबर 2021

आसमाँ चूम लेंगे हम


Happydaughterday
                    चित्र साभार pixabay से... 


हौसला माँ ने दिया , 'पर'  दे रहे पापा

कहकही सुन डर भला,क्यों खोयें हम आपा

यूँ ना अब से डरेंगे हम ,

आसमाँ चूम लेंगे हम 

खुशी से झूम लेंगे हम ।


ख्वाब हर पूरा करेंगे, भेड़ियों से ना डरेंगे

सीख कर जूड़ो-कराँटे, अपने लिए खुद ही लडेंगे

हर बुरी नजर की नजरें नोंच लेंगे हम

आसमाँ चूम लेंगे हम

खुशी से झूम लेंगे हम ।


देहलीज से निकले कदम अब ना रूकेंगे

निर्भय बढेंगे हौसले अब ना झुकेंगे

संस्कार हैं सरताज अपने, 

बेड़ियां इनको कभी बनने न देंगे हम

आसमांँ चूम लेंगे हम

खुशी से झूम लेंगे हम ।


सब एक जैसे तो नहीं, दुनिया भली है

तम है किसी कोने पे, रौशन हर गली है

जब साथ है अपनों का तो अब ना डरेंगे हम

आसमाँ चूम लेंगे हम

खुशी से झूम लेंगे हम।



कंटकों को चुन जिन्होंने राह बनाई

जीत ली अस्तित्व की हर इक लड़ाई

हैं उन्ही की बानगी फिर क्यों रुकेंगे हम

आसमांँ चूम लेंगे हम

खुशी से झूम लेंगे हम।


है खुला परवाज़ पर हमको मिले हैं

अपनों का है साथ तो अब क्या गिले हैं

अनुसरित पदचिह्न से कुछ और बढकर

आने वालों को पुनः नवचिह्न देंगे हम

आसमाँ चूम लेंगे हम

खुशी से झूम लेंगे हम ।।           

       

34 टिप्‍पणियां:

आलोक सिन्हा ने कहा…

बहुत बहुत सुन्दर अत्यन्त सराहनीय रचना

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

आमीन |

Kamini Sinha ने कहा…

सब एक जैसे तो नहीं, दुनिया भली है

तम है किसी कोने पे, रौशन हर गली है

जब साथ है अपनों का तो अब ना डरेंगे हम

आसमाँ चूम लेंगे हम

खुशी से झूम लेंगे हम।

जब अपनों का साथ हो तो हर राह आसान हो,बेटियों का मनोबल बढाती अत्यंत सुंदर सृजन,सादर नमन आपको सुधा जी

Sudha Devrani ने कहा…

हृदयतल से धन्यवाद एवं आभार आ.आलोक जी!

Sudha Devrani ने कहा…

तहेदिल से धन्यवाद आ.जोशी जी!
सादर आभार।

Sudha Devrani ने कहा…

अत्यंत आभार एवं धन्यवाद कामिनी जी!
बेटी दिवस की शुभकामनाएं।

Jigyasa Singh ने कहा…


है खुला परवाज़ पर हमको मिले हैं

अपनों का है साथ तो अब क्या गिले हैं

अनुसरित पदचिह्न से कुछ और बढकर

आने वालों को पुनः नवचिह्न देंगे हम

आसमाँ चूम लेंगे हम..हौसला और विश्वास जगाती खूबसूरत रचना,बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवम बधाई सुधा जी💐💐

मन की वीणा ने कहा…

बहुत सुंदर, प्रेरक,आशा के पंख ले कर उड़ता हौसला, फिर क्यों सफलता दूर होगी।
सार्थक सृजन सुधा जी।
बहुत प्यारी रचना।

रेणु ने कहा…

बहुत बढ़िया प्रस्तुति प्रिय सुधा जी। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरक रचना। जब उन्हें प्रोत्साहित किया जायेगा तभी शिखर चूमेगी बेटियां । सभी बेटियों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और प्यार

रेणु ने कहा…

चुन अपना आकाश लाड़ली
पंख पसार उड़ जाओ तुम,
है कठिन, पर नहीं असंभव
तारों से नज़र मिलाओ तुम!!
ढेरों शुभकामनाएँ सभी बेटियों के लिए 🌷🌷🌷🎂🎂🎊🎊🎉🎉❣️❤️❤️🎈🎈🎈🎈🎈😀

Sudha Devrani ने कहा…

हृदयतल से धन्यवाद एवं आभार जिज्ञासा जी! आपको भी बेटी दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई।

Sudha Devrani ने कहा…

तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार आ.कुसुम जी !

Sudha Devrani ने कहा…

हृदयतल से धन्यवाद एवं आभार प्रिय रेणु जी! आपको भी बेटी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं।

Sudha Devrani ने कहा…

वाह !!!
बहुत ही सुन्दर एवं प्रेरक पंक्तियाँ रेणु जी!
अत्यंत आभार आपका।

जितेन्द्र माथुर ने कहा…

कितनी प्रशंसा करूं इस कविता की सुधा जी? शब्दकोश रिक्त हो जाएगा पर प्रशंसा से मन न भरेगा।

Jyoti Dehliwal ने कहा…

आशा का संचार करती बहुत ही सुंदर रचना,सुधा दी।

Sudha Devrani ने कहा…

अत्यंत आभार एवं धन्यवाद जितेन्द्र जी!
आपको रचना अच्छी लगी तो श्रमसाध्य हुआ।

Sudha Devrani ने कहा…

तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार ज्योति जी!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

प्रेरक रचना । बेटियों में हौसले की उड़ान भरनी ही चाहिए ।

Kamini Sinha ने कहा…

सादर नमस्कार ,

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (28-9-21) को "आसमाँ चूम लेंगे हम"(चर्चा अंक 4201) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है,आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी।
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कामिनी सिन्हा

Sudha Devrani ने कहा…

जी, आ.संगीता जी!तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार आपका।

Sudha Devrani ने कहा…

हृदयतल से धन्यवाद कामिनी जी मेरी रचना को चर्चा मंच में साझा करने हेतु।
सहृदय आभार।

Meena Bhardwaj ने कहा…

कंटकों को चुन जिन्होंने राह बनाई
जीत ली अस्तित्व की हर इक लड़ाई
हैं उन्ही की बानगी फिर क्यों रुकेंगे हम
आसमांँ चूम लेंगे हम
खुशी से झूम लेंगे हम।
हौंसलों को पंख देती लाजवाब रचना ।

Manisha Goswami ने कहा…

शानदार प्रस्तुति

हरीश कुमार ने कहा…

अत्यंत सुंदर रचना 🙏

SANDEEP KUMAR SHARMA ने कहा…

खूब बधाई शानदार लेखन के लिए।

Sudha Devrani ने कहा…

हार्दिक धन्यवाद एवं आभार मीना जी!

Sudha Devrani ने कहा…

सस्नेह आभार एवं धन्यवाद प्रिय मनीषा जी!

Sudha Devrani ने कहा…

हार्दिक धन्यवाद एवं आभार हरीश जी!

Sudha Devrani ने कहा…

हार्दिक धन्यवाद एवं आभार संदीप जी!

Virendra Singh ने कहा…

बहुत सुंदर-सार्थक और प्रेरणास्पद रचना। बेटियों की राह पहले से थोड़ी आसान हो रही है। हालाँकि चुनौतियाँ भी नए-नए रुप धर कर आ रही है। उम्मीद यही है कि बेटियाँ इन सब मुसीबतों से पार पा लेंगी। बधाईयां।

SUJATA PRIYE ने कहा…

बहुत सुंदर रचना

Sudha Devrani ने कहा…

जी,सही कहा आपने.....
माँ बाप भी अब बेटियों के भविष्य को लेकर कुछ सचेत हो रहे है...
हार्दिक धन्यवाद एवं आभार आपका।

Sudha Devrani ने कहा…

अत्यंत आभार एवं धन्यवाद सुजाता जी!

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