संदेश

जीवन दर्शन लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

करते रहो प्रयास | प्रेरणादायक दोहे और सकारात्मक सोच

चित्र
परिचय जीवन में सफलता का रास्ता हमेशा सरल नहीं होता। कई बार असफलता, ठोकर और बाधाएँ मन को निराश कर देती हैं, लेकिन निरंतर प्रयास और धैर्य ही आगे बढ़ने की राह बनाए रखते हैं। इन्हीं भावों को सरल शब्दों में व्यक्त करते हुए मैंने ये प्रेरणादायक दोहे लिखे हैं 1. करते करते ही सदा, होता है अभ्यास ।     नित नूतन संकल्प से, करते रहो प्रयास।। 2. मन से कभी न हारना, करते रहो प्रयास ।   सपने होंगे पूर्ण सब, रखना मन में आस ।। 3. ठोकर से डरना नहीं, गिरकर उठते वीर ।   करते रहो प्रयास नित, रखना मन मे धीर ।। 4. पथबाधा को देखकर, होना नहीं उदास ।    सच्ची निष्ठा से सदा, करते रहो प्रयास ।। 5. प्रभु सुमिरन करके सदा, करते रहो प्रयास ।    सच्चे मन कोशिश करो, मंजिल आती पास ।। निष्कर्ष इन दोहों के माध्यम से मन में यही कहने का प्रयास किया है कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, प्रयास की डोर हाथ से नहीं छूटनी चाहिए। धैर्य और निरंतर कर्म के साथ आगे बढ़ते रहने में ही जीवन की राह को बेहतर बनाने की उम्मीद छिपी रहती है। हार्दिक अभिनंदन🙏 पढ़िए एक और रचना निम्न लिंक पर उत्तराखंड में मधु...

और एक साल बीत गया | समय और जीवन पर भावपूर्ण हिंदी कविता

चित्र
परिचय समय अपनी गति से निरंतर आगे बढ़ता रहता है और देखते ही देखते एक और साल हमारी जिंदगी से गुजर जाता है। ‘और एक साल बीत गया’ समय, उम्र, जीवन की भागदौड़ और आत्मचिंतन पर आधारित एक भावपूर्ण हिंदी कविता है। यह रचना हमें जीवन की दौड़ में कुछ पल ठहरकर अपने भीतर झाँकने, जो मिला है उसे सहेजने और संतोष के साथ जीवन जीने का संदेश देती है। प्रदत्त पंक्ति ' और एक साल बीत गया' पर मेरा एक प्रयास  और एक साल बीत गया  दिन मास पल छिन  श्वास तनिक रीत गया  हाँ ! और एक साल बीत गया ! ओस की सी बूँद जैसी उम्र भी टपक पड़ी  अंत से अजान ऐसी बेल ज्यों लटक खड़ी  मन प्रसून पर फिर से आस भ्रमर रीझ गया  और एक साल बीत गया ! साल भर चैन नहीं पाने की होड़ लगी  और, और, और अधिक संचय की दौड़ लगी  भान नहीं पोटली से प्राण तनिक छीज गया और एक साल बीत गया ! जो है सहेज उसे चैन की इक श्वास तो ले जीवन उद्देश्य जान सुख की कुछ आस तो ले    मन जो संतुष्ट किया वो ही जग जीत गया  और एक साल बीत गया ! निष्कर्ष हर बीतता हुआ साल हमें यह याद दिलाता है कि जीवन केवल अधिक पाने और जोड़ने...

मिला कुण्डली ब्याहते ! विवाह और रिश्तों पर दोहे

चित्र
परिचय विवाह के बाद जब दो लोग एक-दूसरे के जीवन का हिस्सा बनते हैं, तो रिश्ते में प्रेम के साथ-साथ समझ और सामंजस्य की भी जरूरत होती है। इसी रिश्ते के अलग-अलग रंगों और मन के भावों को मैंने इन दोहों में शब्द देने का प्रयास किया है। मिला कुण्डली ब्याहते, ग्रह गुण मेल आधार । अजनबी दो एक बन, बसे नया घर - बार । निकले दिन हफ्ते गये,  गये मास फिर साल । कुछ के दिल मिल ही गये, कुछ का खस्ता हाल। दिल मिल महकी जिंदगी, घर आँगन गुलजार । जोड़ी जो बेमेल सी, जीवन उनका भार । कुछ इकतरफा प्रेम से, सींचे निज संसार । साथी से मिलता नहीं, इक कतरा भी प्यार । कुछ को बिछड़े प्रेम का, गहराया उन्माद । जीवन आगे बढ़ रहा, ठहरे यादों साथ। साथी में ढूँढ़े सदा, अपना वाला प्यार। गुण उसके दिखते नहीं, करते व्यर्थ प्रहार । अनदेखा कर आज को, बीती का कर ध्यान । सुख समृद्धि विहीन ये, जीवन नरक समान । निष्कर्ष रिश्तों में प्रेम और अपनापन बना रहे तो छोटी-छोटी बातें भी जीवन में मिठास घोल देती हैं। मेरी यही कामना है कि हर दांपत्य जीवन में आपसी समझ, विश्वास और प्रेम बना रहे। ✨धन्यवाद🙏 जीवन के विभिन्न अनुभवों और व्यवहार पर आधारित मेरे क...

फ़ॉलोअर

लेबल

कविता -हास्यव्यंग1 कहानी18 कह़ानी1 कहानीकविता1 कांवड़1 काव्य रचना1 किसान1 कुण्डलिया छंद5 कुण्डलिया छन्द3 कृत्रिम बुद्धिमत्ता1 कोरोना काल1 गजल10 गढ़वाली कविता एवं उसका हिन्दी रूपांतरण1 गढ़वाली गीत1 गणपति वंदना1 गणेश भक्ति1 गर्मी पर कविता1 गर्मी पर बाल कविता1 गीत16 गीतात्मक कविता1 गुरु महिमा कविता1 गुरु महिमा पर दोहा मुक्तक1 गृहस्थ जीवन1 घरेलू हिंसा1 चिड़िया1 चौपाई | पावस पर कविता | बरसात पर कविता | सावन | शिव भक्ति1 छंद कविता1 जल संरक्षण पर कविता1 जलवायु परिवर्तन ग्लोबल वार्मिंग1 जीवन की समझ सकारात्मक सोच1 जीवन की सीख1 जीवन दर्शन3 जैसे को तैसा1 डिजिटल जुड़ाव1 तकनीक1 त्याग1 देशभक्ति1 दोहा मुक्तक2 दोहा-मुक्तक1 दोहे7 ध्यान1 नवगीत15 नारी सम्मान1 नारी सशक्तिकरण1 पकौड़े1 परिवार1 पाँच लिंकों का आनंद स्थापना दिवस1 पारिवारिक कहानी2 पारिवारिक रिश्ते1 पारिवारिक लघुकथा1 पारिवारिक संवेदना1 पावस पर कविता1 पुस्तक समीक्षा1 प्रकृति3 प्रकृति कविता3 प्राणायाम1 प्रार्थना5 प्रेणादायक आलेख1 प्रेम कविता1 प्रेरक लघुकथा1 प्रेरणादायक कहानी1 प्रेरणादायक हिंदी कविता2 बरसात पर कविता2 बारिश पर गीत1 बाल कविता3 बाल मन1 बुज़ुर्ग1 भक्ति कविता5 भक्ति रचना1 भगवान गणेश1 भगवान शिव3 भावनात्मक1 भावनात्मक रचना1 मन1 मनहरण घनाक्षरी2 मनहरण घनाक्षरी छंद5 महादेव1 महिला सशक्तिकरण1 महिला सशक्तिकरण पर प्रेरणादायक कहानी।1 माँ का त्याग1 माँ का प्रेम1 माँ की ममता1 माँ-बेटी1 माता पिता1 माता-पिता1 मानवीय संवेदना1 मानवीय स्वभाव1 मुक्तक4 मुहावरे पर आधारित लघुकथा1 मोबाइल की लत तकनीक डिजिटल जीवन1 योग1 रक्षाबंधन1 राम भक्ति4 रिश्ते3 रोला छंद2 लघु कथा4 लघु कहानी5 लघुकथा20 लघुकथा | व्यंग्य | समाज | कोरोना काल | मानवीय संवेदना1 लेख6 वर्षा ऋतु3 वसंत पर कविता1 विवाह1 व्यंग कविता1 व्यंग लेख1 व्यंग्य1 शरद ऋतु2 शराब की लत1 शिक्षक दिवस1 शिक्षा -परीक्षा1 शिक्षा-परीक्षा1 शिव भक्ति4 शिव महिमा1 शुभकामना कविता1 श्रीराम2 संघर्ष1 संत1 संवेदनाएँ1 संस्मरण2 संस्मरणात्मक लेख1 सकारात्मक सोच2 सच्ची घटना1 सद्गुरु1 समय1 समीक्षा2 सामाजिक कहानी1 सामाजिक व्यंग्य1 सावन3 सावन पर कविता1 साहित्य1 सैनिक1 स्वास्थ्य1 हाइबन1 हायकु3 हास्यव्यंग कविता1 हास्यव्यंग लघुकथाएं1 हिंदी कविता10 हिंदी कहानी1 हिंदी दोहे1 हिंदी भावनात्मक कहानी1 हिंदी लघुकथा प्रेरक लघुकथा रिश्ते मनमुटाव संवाद जीवन दर्शन1 हिंदी लघुकथा माँ का त्याग प्रेरक लघुकथा प्रेरणादायक कहानी1 हिंदी लेख1 हिंदी साहित्य1
ज़्यादा दिखाएं