राम एक संविधान | मनहरण घनाक्षरी छंद
परिचय मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भारतीय संस्कृति, आदर्श जीवन और धर्म के शाश्वत प्रतीक हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आनंद का विषय है। प्रस्तुत 'राम एक संविधान | मनहरण घनाक्षरी छंद' में रामभक्ति, प्राण-प्रतिष्ठा के उल्लास और रामराज्य की मंगलमय भावना को काव्यात्मक रूप में अभिव्यक्त करने का विनम्र प्रयास किया गया है। मनहरण घनाक्षरी छंद गूँज उठी जयकार, तोरण से सजे द्वार, पाँच शतक के बाद, शुभ दिन आये हैं ! कौशल्या दुलारे राम, दशरथ प्यारे राम, पधारे अवध धाम, मंदिर बनाये हैं । सज्ज हुआ सिंहद्वार, सज्ज राम दरबार, पंच मंडपों के संग, देवता दर्शाए हैं । प्रिय शिष्य हनुमान, करेंगे सभी के त्राण, राम राजकाज हेतु, गदा जो उठाये हैं । सिया राम परिवार, सुखप्रद घरबार, नयनाभिराम अति, आसन सजाये हैं । राम राज अभिषेक, प्राण-प्रतिष्ठा को देख, शिशिर में भी भक्तों के, जोश गरमाये हैं । राम आरती अजान , राम एक संविधान, भारती के प्राण राम, भक्त मन भाये है । इष्ट में विशिष्ट राम, शिष्ट में प्रकृष...