कैनल में कैद अब झूठा नबाब
प्रदत्त चित्र पर हास्यव्यंग रचना चित्र साभार Quora से आँखों में चश्मा मुँह में गुलाब, हाथ मोबाइल करके आदाब गले में मोती जड़ा था पट्टा, चला जो शेरू बनके नबाब कदम कदम पर यार मिले, चापलूस दो -चार मिले मचले मन औ बहके कदम के, जी हुजूर सरकार मिले आड़ी तिरछी पोज बनाई, यो यो वाली फोटो खिंचाई टेढी-मेढ़ी सी दुम हिलाकर, ...