संदेश

अप्रैल, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

वहम

चित्र
  "प्रिया !तुम्हारी मम्मी दिखाई नहीं दे रही कल से...क्या बात है तबियत तो ठीक है न उनकी"?  सामने वाली बालकनी से सीमा ने पूछा तो प्रिया  रूआँसी आवाज में बोली,  "नहीं आन्टी !  मम्मी ठीक नहीं हैं उन्हें कोरोना हो गया है.............कल जो कोरोना टेस्ट करने वाले आये थे न सोसाइटी में, उनके टेस्ट में मम्मी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव है,तब से मम्मी ने अपने को कमरे में बन्द कर दिया है, और उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है....सिर दर्द से परेशान है मम्मी.... हम कुछ भी नहीं कर पा रहे"। "अरे बेटा! पॉजिटिव रिपोर्ट तो मेरी भी आयी कल,  मुझे भी बहुत टेंशन हुई और साथ में शक भी ........ ।   तो मैंने जाकर प्राइवेट अस्पताल में दुबारा टेस्ट करवाया वहाँ मेरी रिपोर्ट नेगेटिव आयी......।  और तुम्हारी मम्मी तो घर पर ही रहती हैं और उन्हें कल तक तो कोरोना के कोई भी लक्षण नहीं थे ,फिर पॉजिटिव रिपोर्ट मिलते ही तबियत कैसे खराब हो गयी...? बेटा ! अपनी मम्मी का एक बार और टेस्ट करवाइए, कहीं उनकी तबियत बिगड़ने का कारण उनका वहम तो नहीं"। "जी आन्टी ! आप सही कह रही हैं, मैं पापा को बताती हूँ"...

खून के हैं जो रिश्ते , मिटेंगे नहीं

चित्र
  तुम कहते रहोगे वो सुनेंगे नहीं अब तुम्हारे ही तुमसे मनेंगे नहीं इक कदम जो उठाया सबक देने को चाहकर भी कदम अब रुकेंगे नहीं जा चुका जो समय हाथ से अब तेरे जिन्दगी भर वो पल अब मिलेंगे नहीं जोड़ते -जोड़ते वक्त लगता बहुत टूटे  रिश्ते सहज तो जुड़ेंगे नहीं तेरे 'मैं' के इस फैलाव की छाँव में तेरे नन्हे भी खुलके बढेंगे नहीं छोटी राई का पर्वत बना देख ले खाइयां पाटकर भी पटेंगे नहीं चढ़ ले चढ़ ले कहा तो चढ़े पेड़ पर अब उतरने को कोई कहेंगे नहीं निज का अभिमान इतना बड़ा क्या करें  घर की देहरी पे जो झुक सकेंगे नहीं जो दलीलें हों झूठी, और इल्ज़ाम भी सच के साहस के आगे टिकेंगे नहीं दिल के रिश्तों को जोड़ा फिर तोड़ा, मगर  खून के हैं जो रिश्ते , मिटेंगे नहीं ऐसे ही रिश्तों पर आधारित मेरा एक और सृजन ●  उठे वे तो जबरन गिराने चले

तमाशा देखो दाना फेंको

चित्र
  सु बह सुबह सीमा ने हमेशा की तरह छत पर चिड़ियों के लिए दाना डाला और वहीं कोने में आसन बिछाकर योग करने बैठी तो देखा कि एक कबूतर बाकी कबूतरों को दाने के आस-पास भी नहीं फटकने दे रहा .... कुछ कबूतर उससे दाना लेने की फिराक में लड़ रहे हैं तो कुछ आकर सीमा के आसन के इर्दगिर्द गुटरगूँ करते हुए घूम रहे हैं मानों उस कबूतर की शिकायत करके अपने लिए अलग दाना-पानी माँग रहे हों.....।         सीमा को उन पर दया आयी और लड़ने वाले कबूतर पर गुस्सा.......।                                                            जी चाहा कि लड़ाकू कबूतर को पकड़कर खूब खरी-खटी सुनाये कि हम मनुष्यों का फेंका दाना खा-खाकर आखिर तुममें भी स्वार्थ और बैमनस्य की भावना आ ही गयी ।  अरे ! प्यार से रहो न जैसा हमेशा रहते आये हो.....    क्यों तुम भी हम मनुष्यों की तरह तेरा मेरा करने लगे...? पर सोचा कि इन्हें कहाँ कुछ समझ आयेगा हमें भी कौन सा आता है.....

फ़ॉलोअर

लेबल

कविता -हास्यव्यंग1 कहानी19 कह़ानी1 कहानीकविता1 कांवड़1 कुण्डलिया छंद5 कुण्डलिया छन्द3 गजल10 गढ़वाली कविता एवं उसका हिन्दी रूपांतरण1 गढ़वाली गीत1 गर्मी पर कविता1 गर्मी पर बाल कविता1 गीत18 गीतात्मक कविता1 गुरु महिमा कविता1 गुरु महिमा पर दोहा मुक्तक1 घरेलू हिंसा1 चिड़िया1 चौपाई | पावस पर कविता | बरसात पर कविता | सावन | शिव भक्ति1 छंद कविता1 जल संरक्षण पर कविता1 जलवायु परिवर्तन ग्लोबल वार्मिंग1 दोहा मुक्तक3 दोहा-मुक्तक1 दोहे7 नवगीत15 नारी सम्मान1 नारी सशक्तिकरण1 परिवार1 पाँच लिंकों का आनंद स्थापना दिवस1 पारिवारिक कहानी2 पारिवारिक रिश्ते1 पावस पर कविता1 पुस्तक समीक्षा1 प्रकृति3 प्रकृति कविता2 प्रार्थना3 प्रेणादायक आलेख1 प्रेरक लघुकथा1 प्रेरणादायक कहानी1 प्रेरणादायक हिंदी कविता1 बरसात पर कविता1 बाल कविता3 बुज़ुर्ग1 भक्ति कविता1 भगवान शिव2 भावनात्मक1 भावनात्मक रचना1 मन1 मनहरण घनाक्षरी2 मनहरण घनाक्षरी छंद5 महादेव1 महिला सशक्तिकरण1 महिला सशक्तिकरण पर प्रेरणादायक कहानी।1 माँ का त्याग1 माँ की ममता1 माता पिता1 माता-पिता1 मुक्तक3 मुहावरे पर आधारित लघुकथा1 मोबाइल की लत तकनीक डिजिटल जीवन1 राम भक्ति1 रिश्ते2 रोला छंद2 लघु कथा2 लघु कहानी6 लघुकथा19 लेख3 वर्षा ऋतु1 व्यंग कविता1 व्यंग लेख1 शरद ऋतु2 शराब की लत1 शिक्षा -परीक्षा1 शिव भक्ति2 शिव महिमा1 शुभकामना कविता1 संघर्ष1 संवेदनाएँ1 संस्मरण2 संस्मरणात्मक लेख1 सकारात्मक सोच1 सच्ची घटना1 सद्गुरु1 समीक्षा2 सामाजिक कहानी1 सामाजिक लेख1 सावन1 साहित्य1 हाइबन1 हायकु3 हास्यव्यंग कविता1 हास्यव्यंग लघुकथाएं1 हिंदी कहानी1 हिंदी भावनात्मक कहानी1 हिंदी लघुकथा प्रेरक लघुकथा रिश्ते मनमुटाव संवाद जीवन दर्शन1 हिंदी लघुकथा माँ का त्याग प्रेरक लघुकथा प्रेरणादायक कहानी1 हिंदी लेख1 हिंदी साहित्य1 हिन्दी कविता1
ज़्यादा दिखाएं