नारी अबला नहीं | नारी सशक्तिकरण पर कविता
परिचय
सदियों से नारी को अनेक सामाजिक रूढ़ियों, कुप्रथाओं और भेदभाव का सामना करना पड़ा है। उसे कमजोर और पराश्रित मानने वाली सोच ने उसके आत्मसम्मान और अस्तित्व को भी प्रभावित किया। प्रस्तुत कविता इसी मानसिकता के विरुद्ध नारी को अपनी शक्ति पहचानने, आत्मनिर्भर बनने और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए जागृत होने का आह्वान करती है।
निष्कर्ष
नारी को अबला मानने वाली सोच से बाहर निकलकर उसे अपने अस्तित्व, आत्मसम्मान और सामर्थ्य को पहचानना होगा। यह जागृति केवल बाहरी परिस्थितियों को बदलने की नहीं, बल्कि अपने भीतर की शक्ति को जगाने की भी है। जब नारी स्वयं को सक्षम और आत्मरक्षक समझेगी, तभी वह अन्याय और शोषण के विरुद्ध मजबूती से खड़ी हो सकेगी।
✨धन्यवाद🙏
नारी के आत्मसम्मान, जागरण और सशक्त स्वर से जुड़ी मेरी अन्य रचनाएँ भी पढ़ें—
● अब जागी है तो भोर तेरी | नारी के आत्मसम्मान पर हिंदी कविता
तहेदिल से धन्यवाद आ.यशोदा जी मेरी रचना को मुखरित मौन के मंच पर स्थान देने हेतु।
जवाब देंहटाएंसादर आभार
आहा क्या ओजस्वी आह्वान है।
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर सकारात्मक संदेश देती
ऊर्जा से परिपूर्ण सृजन प्रिय सुधा जी।
सस्नेह।
बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार प्रिय श्वेता जी!
हटाएंनारी सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण रचना प्रिय सुधा जी। नारी जब तक सशक्त नहीं होगी उसका कोई भला नहीं कर सकता। अत्यन्त ओजपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए ढेरों शुभकामनाएं आपको 🙏🌷🌷❤️❤️
जवाब देंहटाएंहार्दिक धन्यवाद एवं आभार रेणु जी!
हटाएंआपकी अनमोल प्रतिक्रिया हमेशा उत्साहद्विगुणित कर देती है।
ओज, तेज़ और सार्थक संदेश की त्रिवेणी भ रही है यहाँ। बधाई!
जवाब देंहटाएंअत्यंत आभार एवं धन्यवाद आ.विश्वमोहन जी!
हटाएंनारी को अपने प्रति होने वाले शोषण को खत्म करने के लिए जाग्रत होने का संदेश देती सुंदर और ओजपूर्ण रचना ।
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार आपका।
हटाएंसादर नमस्कार ,
जवाब देंहटाएंआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (5-4-22) को "शुक्रिया प्रभु का....."(चर्चा अंक 4391) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है,आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी।
------------
कामिनी सिन्हा
सहृदय धन्यवाद एवं आभार कामिनी जी मेरी रचना को मंच प्रदान करने हेतु ।
जवाब देंहटाएंनारी की क्षमताओं को दिखाती सुंदर सुदृढ़ रचना।
जवाब देंहटाएंओज का आह्वान।
अत्यंत आभार एवं धन्यवाद आपका।
हटाएंनारी सशक्तीकरण पर भावपूर्ण और प्रेरक प्रस्तुति प्रिय सुधा जी।अच्छा लगा एक बार फिर पढकर।सस्नेह शुभकामनायें
जवाब देंहटाएंसहृदय धन्यवाद एवं आभार प्रिय रेणु जी!
हटाएंसार्थक अभिव्यक्ति नारी शक्ति का आह्वान करती रचना
जवाब देंहटाएंअत्यंत आभार एवं धन्यवाद आ.कैलाश जी !
हटाएं