"माँ"



mother playing with a baby on a ground (happy mothers day)

माँ इतनी आशीष दें !
कर सके कोई अर्पण तुम्हें...
प्रेम से तुमने सींचा हमें
बढ सकें यूँ कि छाँव दें तुम्हें...


तेरे ख्वाबों को आबाद कर
मंजिलों तक पहुँच पायेंं हम
सपने बिखरे न तेरे कोई
काम इतना तो कर जाएंं हम

तेरे आँचल की साया तले
हम बढें तपतपी राह में...
ना डरें मुश्किलों से कभी
ना गलत राह अपनायें हम

तेरा आशीष मिलता रहे
बस इतना सुधर जायें हम
हाथ सर में रखे माँ सदा
चरणों में जगह पायें हम ।






चित्र :-गूगल से...साभार

टिप्पणियाँ

  1. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (21-09-2019) को " इक मुठ्ठी उजाला "(चर्चा अंक- 3465) पर भी होगी।


    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    ….
    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. हृदयतल से धन्यवाद अनीता जी! आभारी हूँ आपके सहयोग के लिए...

      हटाएं
  2. माँ का आशीष हमेशा रहे
    प्रभु ! इतना हमें "वर" दे...
    माँ से ही तो है संसार ये..
    माँ के चरणों में हम बने रहें...
    बहुत सुन्दर सृजन सुधा जी ... मांँ को समर्पित लाजवाब भावाभिव्यक्ति ।

    जवाब देंहटाएं

  3. माँ के ख्वाबों को आबाद कर
    मंजिलों तक पहुँच पायेंं हम
    सपने बिखरे न माँ के कोई
    काम इतना तो कर जाएंं हम।
    वाह सुधा जी मां पर इतनी मन को छू ने वाली रचना आपकी मन मोह गई ।
    उत्कृष्ट सृजन।

    जवाब देंहटाएं
  4. पृथ्वी-सी धीर-गंभीर ममतामयी माँ के आँचल में भरा होता है तीनों लोकों का प्यार.
    एक हृदयस्पर्शी रचना जो पाठक को अधूरी-सी लग सकती है क्योंकि आपने इस अभिव्यक्ति को न्यूनतम शब्दों में क़रीने से समेट दिया है.
    बधाई एवं शुभकामनाएँ.
    लिखते रहिए.

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत बहुत धन्यवाद रविन्द्र जी रचना पर अपने भाव स्पष्ट करने के लिए.......
    जी सचमुच रचना छोटी सी है...।
    सादर आभार ।

    जवाब देंहटाएं
  6. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (5 -8 -2020 ) को "एक दिन हम बेटियों के नाम" (चर्चा अंक-3784) पर भी होगी,आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    ---
    कामिनी सिन्हा

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. हार्दिक धन्यवाद एवं आभार, कामिनी जी चर्चा मंच पर मेरी रचना साझा करने हेतु।

      हटाएं
  7. तेरा आशीष मिलता रहे
    बस इतना सुधर जायें हम
    हाथ सर में रखे माँ सदा
    चरणों में जगह पायें हम....
    बेहतरीन रचना सखी 👌

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

फ़ॉलोअर

लेबल

कविता -हास्यव्यंग1 कहानी19 कह़ानी1 कहानीकविता1 कांवड़1 कुण्डलिया छंद5 कुण्डलिया छन्द3 गजल10 गढ़वाली कविता एवं उसका हिन्दी रूपांतरण1 गढ़वाली गीत1 गर्मी पर कविता1 गर्मी पर बाल कविता1 गीत18 गीतात्मक कविता1 गुरु महिमा कविता1 गुरु महिमा पर दोहा मुक्तक1 घरेलू हिंसा1 चिड़िया1 चौपाई | पावस पर कविता | बरसात पर कविता | सावन | शिव भक्ति1 छंद कविता1 जल संरक्षण पर कविता1 जलवायु परिवर्तन ग्लोबल वार्मिंग1 दोहा मुक्तक3 दोहा-मुक्तक1 दोहे7 नवगीत15 नारी सम्मान1 नारी सशक्तिकरण1 परिवार1 पाँच लिंकों का आनंद स्थापना दिवस1 पारिवारिक कहानी2 पारिवारिक रिश्ते1 पावस पर कविता1 पुस्तक समीक्षा1 प्रकृति3 प्रकृति कविता2 प्रार्थना3 प्रेणादायक आलेख1 प्रेरक लघुकथा1 प्रेरणादायक कहानी1 प्रेरणादायक हिंदी कविता1 बरसात पर कविता1 बाल कविता3 बुज़ुर्ग1 भक्ति कविता1 भगवान शिव2 भावनात्मक1 भावनात्मक रचना1 मन1 मनहरण घनाक्षरी2 मनहरण घनाक्षरी छंद5 महादेव1 महिला सशक्तिकरण1 महिला सशक्तिकरण पर प्रेरणादायक कहानी।1 माँ का त्याग1 माँ की ममता1 माता पिता1 माता-पिता1 मुक्तक3 मुहावरे पर आधारित लघुकथा1 मोबाइल की लत तकनीक डिजिटल जीवन1 राम भक्ति1 रिश्ते2 रोला छंद2 लघु कथा2 लघु कहानी6 लघुकथा19 लेख3 वर्षा ऋतु1 व्यंग कविता1 व्यंग लेख1 शरद ऋतु2 शराब की लत1 शिक्षा -परीक्षा1 शिव भक्ति2 शिव महिमा1 शुभकामना कविता1 संघर्ष1 संवेदनाएँ1 संस्मरण2 संस्मरणात्मक लेख1 सकारात्मक सोच1 सच्ची घटना1 सद्गुरु1 समीक्षा2 सामाजिक कहानी1 सामाजिक लेख1 सावन1 साहित्य1 हाइबन1 हायकु3 हास्यव्यंग कविता1 हास्यव्यंग लघुकथाएं1 हिंदी कहानी1 हिंदी भावनात्मक कहानी1 हिंदी लघुकथा प्रेरक लघुकथा रिश्ते मनमुटाव संवाद जीवन दर्शन1 हिंदी लघुकथा माँ का त्याग प्रेरक लघुकथा प्रेरणादायक कहानी1 हिंदी लेख1 हिंदी साहित्य1 हिन्दी कविता1
ज़्यादा दिखाएं