छटाँक भर का

चित्र
  "ओ गॉड ! ये तो मेरे साथ चीटिंग है " ! एयरपोर्ट से बाहर निकलते बेटे के मुँह से ऐसे शब्द सुनते ही शर्मा जी और उनकी पत्नी एक दूसरे का मुँह ताकने लगे । बेटे से मिलने का उत्साह जैसे कुछ ठंडा सा पड़ गया ।   सोचने लगे कहाँ तो हमें लगा कि इतने समय बाद हमें देखकर बेटा खुश होगा पर ये तो भगवान को ही कोसने लगा है" । तभी बेटा आकर दोनों के पैर छूकर गले मिला और फटाफट सामान को गाड़ी में रखवा कर तीनों जब बैठ गए तब पापा ने चुटकी लेते हुए कहा , " क्यों रे ! किसका इंतजार था तुझे ? कौन आयेगा तुझे लेने यहाँ..?.. हैं ?... अच्छा आज तो वेलेंटाइन डे हुआ न तुम लोगों का ! कहीं कोई दोस्त तो नहीं आयी है लेने ! हैं ?..  बता दे "? बेटा चिढ़ते हुए - "मम्मी ! देख लो पापा को ! कुछ भी बोल देते हैं" । "सही तो कह रहे तेरे पापा" - मम्मी भी मुस्कुराते हुए बोली,  "हमें देखकर भगवान को जो कोसने लगा तू !  क्या कह रहा था ये- " ओ गॉड ! ये तो मेरे साथ चीटिंग है " दोनों ने एकसाथ दोहराया और हँसने लगे । "शिट ! तो आप लोगों ने सुन लिया"  ? "बेवकूफ ! गॉड ने हमें भी...

"तुम हो हिन्दुस्तानी"

children with Indian flag proudly calling themselves Hindustani
  








प्यारे बच्चों ! दुनिया में तुम नया सवेरा लाना,
       जग में नाम कमाना ,कुछ नया-सा कर के दिखाना।
         फैली तन्हाई, अब तुम ही इसे मिटाना,
            ऐसा कुछ कर जाना..
  गर्व करें हर कोई तुम पर "तुम हो हिन्दुस्तानी"।
     
क्षितिज का तुम भ्रम मिटाना,
         ज्ञान की ऐसी ज्योति जगाना।
            धरा आसमां एक बनाकर,
               सारे भेद मिटाना....
                कुछ ऐसा करके दिखाना,
 गर्व  करें हर कोई तुम पर "तुम हो हिन्दुस्तानी"।

  अन्धकार मे भी प्रकाश सा उजियारा हो,
        सत्य घोष हो हर तरफ जय का नारा हो।
          जाति-पाँति का फर्क मिटाकर,
             सबको एक बनाना..
   गर्व करे हर कोई तुम पर "तुम हो हिन्दुस्तानी"।

  दुखियों  का दु:ख तुम्हें है हरना,
       भूखों की तुम भूख मिटाना।
           भटके राही को राह दिखाकर,
               मंजिल तक ले जाना....।
                  ऐसा कुछ करके दिखाना
    नाज करे ये देश भी तुम पर "तुम हो हिन्दुस्तानी"।
 
   अन्न-धन की कहीं कमी न रह जाए,
       मानवता के सब अधिकार सभी पाएं
        अबला बनकर रहे न कोई, नारी शक्ति बढाना,
            देश को नयी दिशा दिखाकर ,
              आगे तक ले जाना..
      गर् करे हर कोई तुम पर "तुम हो हिन्दुस्तानी"।

   सबको रोजगार मिल जाए,
          हर घर में खुशहाली आए।
            दीन-अमीरी भेद हटाकर,
             भ्रष्टाचार मिटाना...।
               ऐसा कुछ कर जाना,
    गर्व करे हर कोई तुम पर "तुम हो हिन्दुस्तानी"।

होनहार ही प्रतिनिधित्व करे देश का सारा,
       सभी राजनीतिक दलों से मिले छुटकारा।
          काले धन की चर्चा फिर से कभी न लाना
             ऐसे लुटेरों से तुम अपना देश बचाना।
                 कुछ ऐसा करके दिखाना....
   कि गर्व करे हर कोई तुम पर"तुम हो हिन्दुस्तानी"।।

           

टिप्पणियाँ

  1. तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार कामिनी जी मेरी इतनी पुरानी रचना साझा करने हेतु ।

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  2. बच्चों को प्रेरणा देता शब्द शब्द ।
    संस्कारों और देशप्रेम का सुंदर आह्वान।
    प्रेरक बाल गीत।

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  3. बच्चों को बहुत ही प्रेरक उद्बोधन प्रिय सुधा जी।यदि राष्ट्र के भावी कर्णधार देश हित के लिए प्रयास करें तो ही वे सच्चे भारतीय कहलाने लायक हैं।

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